गाय का दूध अमृत के समान, आधुनिक विज्ञान ने भी गौमाता की महिमा को स्वीकार किया : डिप्टी स्पीकर 

श्री श्याम गोशाला समिति मिंगनीखेड़ा का वार्षिक महोत्सव आयोजित

हिसार, डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने कहा है कि हमारे वेद-पुराण के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान ने भी गौमाता की महिमा को स्वीकार किया है। गाय के दूध को अमृत के समान मन गया है, जिसमें विटामिन ए, डी, ए-2, पोटाशियम, कैल्शियम, बी 12, राइबोफ्लेविन व कैरोटीन की प्रचुर मात्रा मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर हमें कई बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाती है। वे रविवार को श्री श्याम गोशाला समिति मिंगनीखेड़ा के वार्षिक महोत्सव गोभक्तों व पशुपालकों को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि यदि हमें स्वस्थ जीवन जीना है तो गोसंरक्षण व संवर्धन में भी सहयोग करना होगा। देशी गाय के गोबर में लगभग तीन करोड़ व क्रोस ब्रीड गाय के गोबर में 78 लाख जीवाणु होते हैं जो भूमि की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाते है। इसमें नाइट्रोजन, कार्बन, फास्फोरस, विटामिन, खनिज लवण, ऑर्गेनिक पदार्थ प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि हरियाणा नस्ल की गायों की उपयोगिता व उसके महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि देने की अनूठी योजना चलाई है। सरकार द्वारा चलाई जा रही है इस योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालक अपनी हरियाणा नस्ल की गायों का पंजीकरण चिकित्सक के पास करवाएं और दूध की उत्पादकता रिकॉर्ड करवाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी निराश्रय पशुओं, विशेषकर गायों और नंदियों को प्रदेश की सभी गौशालाओं में आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से पशुधन सर्वेक्षण समितियों का गठन किया जा रहा है।  इस अवसर पर श्याम गोशाला समिति मिंगनीखेड़ा

के प्रधान सज्जन गर्ग, उपप्रधान डॉ ललिता राजवंशी व मनोज गर्ग, महासचिव ओंकार केडिया, कोषाध्यक्ष पवन गोयल,तरुण जैन, अशोक मित्तल, पंकज बंसल, डॉ चारु, डॉ ऋषि राणा, अरुण सरलिया, विपिन सैनी,, कुणाल गोयल, बाबू राम मित्तल, रोहित जैन व अंजनिश गोयल सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

फ़ोटो संलगन

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